लोग कहते है कि काम करने करने वालों के लिए कोई काम छोटा नहीं होता यदि महनत से काम करे वह छोटे काम को भी बड़ा बना सक्ता है।
नई दिल्ली,(नरेन्द्र): दुनिया में यदि किसी काम के बारे में अच्छी तरह से जानकारी हासिल करनी होती है तो उस काम की निंव तक जाना पड़ता है फिर वो काम छोटा हो या बड़ा, इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली का एक पत्रकार तीन दिन के लिए वेटर बन गया, जिसे केवल एक दिन का वेतन 1000 में से 500 रूपये ही मिलता था बाकी 500रूपये ठेकेदार की जेब में जाता था ।
- बात होली के एक हफ्ते पहले की है नाम निंद्रा भारद्धाज जो पिछले दो - तीन सालों से फ्रीलांस पत्रकारिता करता है बात कुछ इस तरह की थी रविवार की रात उनके पास रोहिणी में स्थित सेवन सीज होटल से अनील नाम के एक व्यक्ति का फोन आया जो बोल रहा था कि मै सेवन सीज होटल से बोल रहा हूं होटल में वेटरिंग का काम करने के लिए तीन लोगों की रिक्वायरमेंट है , क्लीन शेविंग करवाके आना पडेगा और पैसे ,होटल आने के बाद बता दिये जाएंगे ।
- ये बात सुनकर थोड़ा डर भी लग रहा था कहीं ये फर्जी तो नहीं साथ ही कुछ नई जानकारी प्राप्त करने का उमंग उत्साह भी था मेने ये बात सुन कर काम करने का इरादा बानाया और साथ में अपने दो दोस्तों को भी लेकर गया एक नाम मनोज कुमार और दूसरे का आलम था ।
- होटल में जा कर पता चला कि नाइट शिफ्ट लगेगी ड्यूटी नौ घंटे की करनी पडेगी और 500 रूपये मिलेंगे हम तीनों दोस्तों ने होटल में प्रवेश कर लिया और वहां पर पता चला कि जिस आदमी ने हमसे फोन पर बात की थी वह एक ठेकेदार था जो कमीशन पर काम करता है हमने काम करने के बाद ठेकेदार से पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया और बोला कि पहले दिन के पैसे नहीं मिलते है और बाकी सभी दिन के पैसे मिल जाते है . उसकी यह बात सुनकर गुस्सा भी आ रहा था और जेब में वापिस घर जाने के पैसे भी नहीं थे । इस कारण हमने उस दिन भी काम किया और तीसरे दिन भी काम किया था। तीन रात काम करने के बाद पूरा शरीर दर्द के मारे टूटा जा रहा है ।
- एक तरफ पैसे नहीं मिले और दूसरी ओर उस दिन की रात भी काली हो गई थी। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था की करे तो क्या जेब में पैसे नहीं और घर जाने के लिए किराया नहीं इसी बहाने ठेकेदारों की असलियत भी पता चल गई थी। उसी होटल में काम कर रहे वेटरों के ठेकेदार को 1000 रूपये मिलते है पर वह 500 अपने पास रखता है और 500 रूपये वेटरों को देता है ।




This comment has been removed by the author.
ReplyDeletePost a Comment